भजन और आरती
हम ॐ नमः शिवाय क्यों जपते हैं
पंचाक्षरी मंत्र और इसे दैनिक साधना कैसे बनाएँ

ॐ नमः शिवाय को पंचाक्षरी कहा जाता है — पाँच अक्षरों का मंत्र: न-मः-शि-वा-य। यह यजुर्वेद के श्री रुद्रम् में आता है और आज गृहस्थ तथा संन्यासी दोनों इसका जप करते हैं।
अक्षरों का अर्थ
ॐ नमः शिवाय
oṃ namaḥ śivāya
ॐ, शिव को नमन — जो कल्याणकारी हैं, जो अंतरात्मा हैं।
एक सरल दैनिक साधना
प्रतिदिन एक ही समय पर बैठें। तीन धीमी साँसें लें। माला पर 108 बार मंत्र जपें, मन को गिनती के बजाय ध्वनि पर रखें। अंत में एक मिनट शांत बैठें।
यह मंत्र माँग नहीं है। यह स्मरण है।